विद्यार्थी विनिमय कार्यक्रम
हमारा एक व्यापक अंतर्राष्ट्रीय विद्यार्थी विनिमय नेटवर्क है। प्रति वर्ष हमारे पीजीपी विद्यार्थियों का करीब 40% एक भागीदार स्कूल में एक टर्म गुजारता है। विनिमय कार्यक्रम में भाग न लेने वाले विद्यार्थी आईआईएमबी में टर्म व्यतीत करने वाले विदेशी विद्यार्थियों की बड़ी संख्या की संगत से लाभान्वित होते हैं।
विनिमय कार्यक्रम के दौरान पाठ्यक्रम
टर्म V के दौरान विनिमय कार्यक्रम में जाने वाले विद्यार्थियों के लिए उनके संबंधित विश्वविद्यालयों में केवल स्नातकोत्तर स्तर पाठ्यक्रम कर रहे विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम का पूरा भार संभालना अनिवार्य है जो विनिमय टर्म में 120 कान्टैक्ट अवर्स से कम नहीं होता। एक विद्यार्थी, 120 के ऊपर अधिकतम 30 अतिरिक्त कान्टैक्ट अवर्स के लिए क्रेडिट ले सकता है, बशर्ते कि पाठ्यक्रम अंतर्राष्ट्रीय मामलों की समिति (ओआईए) के कार्यालय द्वारा अनुमोदित हो। इस प्रकार, एक विद्यार्थी को विनिमय कार्यक्रम के दौरान न्यूनतम 12-15 क्रेडिट अवश्य हासिल करना चाहिए।
विनिमय कार्यक्रम में रहते हुए यदि कोई विद्यार्थी पास ग्रेड नहीं हासिल करता तो उसे इसमें कोई क्रेडिट नहीं मिलेगा।
- विनिमय के प्रत्येक विश्वविद्यालय में पाठ्यक्रमों हेतु क्रेडिट अंतर्राष्ट्रीय मामलों की समिति के द्वारा जारी किए जाएंगे ।
- विनिमय कार्यक्रम से आवश्यक क्रेडिट न प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को इस कमी की पूर्ति उसी वर्ष के छठे टर्म में आईआईएमबी में अतिरिक्त कोर्स वर्क लेकर करने को कहा जाएगा। इन शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा करने के बाद ही उन्हें डिग्री मिलेगी। विनिमय कार्यक्रम में क्रेडिट की कमी तीन क्रेडिट से अधिक की नहीं हो सकती। अतिरिक्त कोर्स वर्क हेतु पंजीयन एक टर्म में न्यूनतम तथा अधिकतम क्रेडिट की आवश्यकता के अधीन है।
- विनिमय कार्यक्रम में भाग लेने वाले विद्यार्थियों जो पूर्ववर्ती टर्म की समाप्ति से पहले छोड़ कर चले जाते हैं अथवा आगामी टर्म में देर से शामिल होते हैं, को कक्षाओं में उपस्थिति से कोई माफी नहीं दी जाएगी। इस प्रकार, जो विद्यार्थी ऊपरवर्णित कारणों से कक्षा में उपस्थित नहीं होते, उन्हें अनुपस्थित दर्ज किया जाएगा। जिन विद्यार्थियों का विनिमय टर्म आईआईएमबी में छठे टर्म के शुरू होने के बाद पूरा होता है, वे पूर्व अनुमति लेकर, छठे टर्म के प्रारम्भ होने के अधिकतम एक सप्ताह के भीतर पंजीयन करा सकते हैं।यह राहत तभी मिलेगी जब उनके विश्वविद्यालय का टर्म या परीक्षा वास्तव में छठे टर्म के दौरान चलती रही हो। तथापि, पूर्व अनुमति के साथ भी, छूट गए दिनों के लिए हाजिरी की कोई माफी नहीं होगी और विलंबित पंजीयन हेतु अर्थदंड लागू होगा।
