वित्तीय सहायता एवं छात्रवृत्ति
वित्तीय सहायता
आईआईएमबी की वित्तीय सहायता नीति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वित्तीय कारणों से कोई विद्यार्थी संस्थान में अध्ययन करने से वंचित न रहे।
वे सभी पीजीपी विद्यार्थी जिनके परिवार की वार्षिक आय 6,00,000 रुपए से कम हो, वित्तीय सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं। अचानक अप्रत्याशित हालातों से उत्पन्न गंभीर वित्तीय मुश्किलों वाले अन्य विद्यार्थियों के मामले पर भी विचार किया जाता है।
सहायता पाने वाले विद्यार्थियों तथा सहायता राशि का निर्णय करने हेतु वित्तीय सहायता समिति दो चरणों की प्रक्रिया अपनाती है, विद्यार्थियों को चार मानदंडों पर वित्तीय स्थिति स्कोर दिया जाता है। ये मानदंड हैं- वार्षिक सकल पारिवारिक आय (इसमें आईआईएमबी में प्रवेश लेने से पूर्व यदि विद्यार्थी नियोजित रहा हो तो उसकी आय और बकाया ऋण, यदि हो, बशर्ते कि ऋण प्रत्यक्ष उपभोग हेतु न लिया गया हो;पारिवारिक बचत,जमीन जायदाद तथा अन्य आस्तियां शामिल हैं। इस स्कोर के आधार पर कुछ विद्यार्थियों को एक संकाय पैनल के साथ व्यक्तिगत चर्चा के लिए बुलाया जाता है। इस चर्चा के दौरान संकाय पैनल विद्यार्थी की वित्तीय जरूरत का आकलन करने के साथ-साथ आवेदन में विद्यार्थी द्वारा दी गई जानकारी की सत्यता भी परखते हैं तथा वित्तीय आवश्यकता स्कोर आवंटित करते हैं। इन दो स्कोर के भारित औसत के आधार पर आवेदकों को 100%,80%,60%, 40% या 20% की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
कार्यक्रम पर व्यय
पीजीपी (बीए) 2025-27 बैच के लिए शुल्क (भारतीय रुपए में) निम्नलिखित है:
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विवरण |
भारतीय रुपया |
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2 वर्ष हेतु शुल्क * |
26,00,000 रुपए |
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काशन जमाराशि (सामान्य) |
30,000 रुपए |
*शुल्क में ट्यूशन,पुस्तकालय,इंटरनेट, केस परमिशन रायल्टी,पाठ्य सामग्री, हास्टल के कमरे का व्यय और सेवा प्रभार,मेडिकल बीमा,व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा तथा पूर्व छात्र गतिविधियां शामिल हैं।
#काशन जमाराशि (एक बार) पंजीकरण के समय अलग से अदा की जानी है।
ऊपर दर्शाए गए शुल्क में सेवा कर तथा कोई अन्य कर शामिल नहीं है। यदि ऐसा कोई कर कानूनी रूप से लागू है तो यह विद्यार्थियों से, निर्धारित दरों पर एकत्र किया जाएगा।
विद्यार्थियों को उपरवर्णित राशि के साथ प्रत्येक टर्म में 30,000 रुपए मेस हेतु अग्रिम चुकाना होगा।
आवास: पीजीपी विद्यार्थियों को परिसर में आवास दिया जाता है। ध्यान दें कि द्वितीय वर्ष में विद्यार्थी अपनी खुद की व्यवस्था कर परिसर से बाहर रह सकते हैं।
