व्यवसाय प्रशासन निष्णात (व्यवसाय विश्लेषिकी) (एमबीए(बीए))
बिजनेस अनलिटिक्स में स्नातकोत्तर कार्यक्रम पूरा करने पर
मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (बिजनेस अनलिटिक्स)
बिजनेस अनलिटिक्स में स्नातकोत्तर कार्यक्रम (पीजीपीबीए), मास्टर्स स्तर का कार्यक्रम है जिसे पूरा करने पर मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (बिजनेस अनलिटिक्स) की उपाधि मिलती है। दो वर्षों का यह पूर्णकालिक,आवासीय कार्यक्रम जटिलतर समस्याओं को हल करने में अनलिटिक्स तथा कृत्रिम मेधा का उपयोग करने में नेतृत्वकारी भूमिकाएँ निभाने हेतु विद्यार्थियों को तैयार करने के उद्देश्य से बनाया गया है। इसे दो वर्षों में फैले छःसेमेस्टर में पूरा करना होता है जिसके बीच समर इंटर्नशिप होती है।
एमबीए(बिजनेस अनलिटिक्स)@IIMB हेतु यहाँ क्लिक करें

अध्यक्ष का संदेश
प्रोफेसर मनस्विनी भल्ला
अध्यक्ष, बिजनेस अनलिटिक्स में स्नातकोत्तर कार्यक्रम
बैचलर में विषय का प्रोफाइल 2025
| बैचलर में विषय | विद्यार्थियों की संख्या | पुरुष | महिला |
| इंजीनयरिंग | 71 | 59 | 12 |
| प्रबंधन | 2 | 2 | 0 |
| वाणिज्य | 2 | 1 | 1 |
| विज्ञान | 3 | 2 | 1 |
| अन्य | 1 | 0 | 1 |
पुरुष
63
महिला
15
| अनुभव माह में | पुरुष | महिला | योग |
| अनुभव रहित | 7 | 1 | 8 |
| < 13 | 3 | 0 | 3 |
| 13 - 24 | 10 | 5 | 15 |
| 25 - 36 | 21 | 6 | 27 |
| 37 - 48 | 19 | 2 | 21 |
| 48 से अधिक | 4 | 1 | 5 |
| आयु | पुरुष | महिला | योग |
| 19-22 | 8 | 2 | 10 |
| 23 - 25 | 42 | 10 | 52 |
| 26 - 28 | 12 | 3 | 15 |
| 28 से अधिक | 1 | 0 | 1 |
समाचारों में पीजीपीबीए
मान्यता और रैंकिंग

विद्यार्थियों की उपलब्धियां
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पीजीपी 25 के विद्यार्थियों का स्टार्टअप स्नैकवाइज़ एनएसआरसीईएल इनक्यूबेशन के लिए चयनित
राजस्थान रायल्स केस प्रतियोगिता में पीजीपी 25 के विद्यार्थियों को अखिल भारतीय विजेता का खिताब
एचडीएफसी केस प्रतियोगिता में पीजीपी 25 के विद्यार्थी द्वितीय रनर-अप रहे
विद्यार्थी शंसाएँ
अनुषा एस, पीजीपीबीए 2020-22
भानवी लूथरा, पीजीपीबीए 2021-23
श्रीनाथ विघ्नेश्वर, पीजीपीबीए 2021-23
प्लेसमेंट
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दिव्यांगजनों हेतु नीति कथन
भारतीय प्रबंध संस्थान, बंगलोर दिव्यांग विद्यार्थियों द्वारा उनमें निहित संभावनाओं को साकार करने में आने वाली सारी बाधाओं को दूर करने का प्रयास करता है। उक्त नीति का उद्देश्य सभी विद्यार्थियों को “समान अवसर” उपलब्ध कराना है। आईआईएमबी दिव्यांग विद्यार्थियों के समक्ष पहुँच से जुड़ी सारी बाधाओं को दूर करने हेतु समयबद्ध कार्यक्रम को लेकर प्रतिबद्ध है। पहुँच में निम्नलिखित शामिल हैं, पर यह सिर्फ इन तक सीमित नहीं है:
- परिसर के विद्यार्थियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले सभी हिस्सों तक भौतिक पहुँच;
- जहां आवश्यक हो, समुचित प्रौद्योगिकी का उपयोग कर शिक्षण व संदर्भ सामग्री तक पहुँच ;
- डबल्यूसीएजी तथा अन्य उपयुक्त मानकों को अपना कर ई संसाधनों तक पहुँच
आईआईएमबी प्रत्येक नामांकित दिव्यांग विद्यार्थी की आवश्यकताओं का अलग-अलग आकलन करेगा और तय करेगा कि उस विद्यार्थी को सर्वोत्तम संभव शैक्षणिक अनुभव दिलाने हेतु क्या किया जाना चाहिए। दिव्यांगता सेवाओं का कार्यालय यह आकलन करेगा तथा यह सुनिश्चित करने के लिए केंद्र बिंदु होगा कि विद्यार्थी की जरूरतों की जानकारी प्रत्येक संबद्ध कार्यालय/विभाग /व्यक्ति को दी जाए एवं जरूरतें ठीक ढंग से पूरी की जाएं।
दिव्यांगता वाले विद्यार्थियों के लिए कॅरियर अवसरों का पता लगाने हेतु आईआईएमबी समय रहते कदम उठाएगा तथा भर्तीकर्ता संगठनों को रोजगार की समान अवसर नीतियां एवं प्रथाएँ अपनाने हेतु प्रेरित करेगा।
दिव्यांग विद्यार्थियों के साथ कोई भेदभाव न हो, आईआईएमबी इस हेतु पूरा प्रयास करेगा। समय-समय पर कार्यशालाएँ तथा अभियान आयोजित कर आईआईएमबी,सभी संबंधित लोगों को दिव्यांगता वाले विद्यार्थियों की जरूरतों व उनके द्वारा सामना की जाने वाली चुनौतियों के प्रति संवेदनशील बनाएगा। दिव्यांग विद्यार्थियों के प्रति किसी भेदभाव अथवा असभ्य/असंवेदनशील व्यवहार के प्रति कठोर रुख अपनाया जाएगा और इसके लिए जिम्मेदार संकाय सदस्य,स्टाफ सदस्य, या विद्यार्थी के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की जा सकती है। यद्यपि आईआईएमबी दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम तथा अन्य कानूनी प्रावधानों का पालन करता रहेगा। इस नीति का उद्देश्य विधिक अपेक्षाओं से आगे बढ़ कर दिव्यांगता वाले विद्यार्थियों के लिए वास्तव में समर्थक माहौल उपलब्ध कराना है। इस उद्देश्य की दिशा में प्रथम चरण के रूप में, आईआईएमबी ने संस्था के स्तर पर “दिव्यांगता पर समिति” गठित है जो इस पर ध्यान देगी और दिशा दिखाएगी। भविष्य में, आईआईएमबी उद्योग निकायों तथा इस क्षेत्र में कार्यरत ख्यातिप्राप्त गैर-सरकारी संगठनों के साथ भागीदारी स्थापित करेगा।
आईआईएम बंगलोर के संकाय द्वारा 15 जुलाई 2009 को अंगीकृत
संपर्क
विद्यार्थी मामलों की परिषद






