IIMB Management Review

Journal of Indian Institute of Management Bangalore

आईआईएमबी मैनेजमेंट रिव्यू

भारतीय प्रबंध संस्थान बेंगलूर की पत्रिकाएँ

भाप्रसंबें के विषय में

भारतीय प्रबंध संस्थान बेंगलूर (भाप्रसंबें) समग्र, रूपांतकारी एवं नवीन शिक्षा के माध्यम से नेताओं का निर्माण करने में विश्वास करता है ।

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पत्रिका लेख: 'आईपीओ गतिविधि पर राष्‍ट्रीय संस्‍कृति का प्रभाव' – प्रो. रेजी जार्ज

सारांश:  हम इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) - जो आईपीओ लाने के माध्‍यम से वैधता प्राप्‍त करने हेतु अनेक सांस्‍कृतिक संदर्भों में स्थित उद्यमी फर्मों के लिए झुकाव की जांच करने और अनुभवजन्‍य साक्ष्‍य प्रदान करने के माध्‍यम से उद्यमिता की एक महत्‍वपूर्ण गतिविधि है, पर राष्‍ट्रीय संस्‍कृति के प्रभाव का अध्‍ययन करते हैं। अनौपचारिक संस्‍थाएं उद्यमिता स्‍वभाव के सांस्‍कृतिक दृष्टि से सन्निहित सामाजिक मानदंडों को पसंद करती हैं और प्रतिधारित आय के लिए अपेक्षाएं और विवेकपूर्ण अबाध नकदी प्रवाह के लिए सामाजिक तरजीह को ऐसी कार्रवाइयों के लिए वैधता तंत्र के रूप में प्रस्‍तुत किया जाता है। हमने 7654 आईपीओ की जांच की जो से 2003 से 2012 के बीच 47 देशों आए थे (312 देश-वर्ष प्रेक्षण)। परिणामों से पता चला कि उच्‍च शक्ति दूरी, उच्‍च समष्टिवाद, और दीर्घावधिक अभिविन्‍यास वाले देश उच्‍च स्‍तर की आईपीओ गतिविधि से सकारात्‍मक रूप से संबद्ध थे। इसके अलावा, आईपीओ गतिविधि के स्‍तर उस समय काफी कम पाए गए जब सकल युक्लिडियन दूरी व्‍यक्तिगत देश की संस्‍कृति की प्रोफाइल के बीच अंतर लाती है (जहां हॉफस्‍टीड की राष्‍ट्रीय संस्‍कृति वर्गिकी के सभी 6 आयामों पर एकसाथ विचार किया गया) और आदर्श देश सांस्‍कृतिक प्रोफाइल बड़ी थी।

लेखकों के नाम: दीपिका आर गुप्‍ता, राजाराम वेलियाथ और रेजी जार्ज

पत्रिका का नाम: जर्नल ऑफ बिजनेस रिसर्च

प्रकाशन का ब्‍यौरा: खंड 90, सितंबर 2018, पृष्‍ठ 226-246

यूआरएल: https://www.sciencedirect.com/science/article/pii/S0148296318301991

पत्रिका लेख: 'आईपीओ गतिविधि पर राष्‍ट्रीय संस्‍कृति का प्रभाव' – प्रो. रेजी जार्ज

सारांश:  हम इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) - जो आईपीओ लाने के माध्‍यम से वैधता प्राप्‍त करने हेतु अनेक सांस्‍कृतिक संदर्भों में स्थित उद्यमी फर्मों के लिए झुकाव की जांच करने और अनुभवजन्‍य साक्ष्‍य प्रदान करने के माध्‍यम से उद्यमिता की एक महत्‍वपूर्ण गतिविधि है, पर राष्‍ट्रीय संस्‍कृति के प्रभाव का अध्‍ययन करते हैं। अनौपचारिक संस्‍थाएं उद्यमिता स्‍वभाव के सांस्‍कृतिक दृष्टि से सन्निहित सामाजिक मानदंडों को पसंद करती हैं और प्रतिधारित आय के लिए अपेक्षाएं और विवेकपूर्ण अबाध नकदी प्रवाह के लिए सामाजिक तरजीह को ऐसी कार्रवाइयों के लिए वैधता तंत्र के रूप में प्रस्‍तुत किया जाता है। हमने 7654 आईपीओ की जांच की जो से 2003 से 2012 के बीच 47 देशों आए थे (312 देश-वर्ष प्रेक्षण)। परिणामों से पता चला कि उच्‍च शक्ति दूरी, उच्‍च समष्टिवाद, और दीर्घावधिक अभिविन्‍यास वाले देश उच्‍च स्‍तर की आईपीओ गतिविधि से सकारात्‍मक रूप से संबद्ध थे। इसके अलावा, आईपीओ गतिविधि के स्‍तर उस समय काफी कम पाए गए जब सकल युक्लिडियन दूरी व्‍यक्तिगत देश की संस्‍कृति की प्रोफाइल के बीच अंतर लाती है (जहां हॉफस्‍टीड की राष्‍ट्रीय संस्‍कृति वर्गिकी के सभी 6 आयामों पर एकसाथ विचार किया गया) और आदर्श देश सांस्‍कृतिक प्रोफाइल बड़ी थी।

लेखकों के नाम: दीपिका आर गुप्‍ता, राजाराम वेलियाथ और रेजी जार्ज

पत्रिका का नाम: जर्नल ऑफ बिजनेस रिसर्च

प्रकाशन का ब्‍यौरा: खंड 90, सितंबर 2018, पृष्‍ठ 226-246

यूआरएल: https://www.sciencedirect.com/science/article/pii/S0148296318301991