Programme Structure
पाठ्यक्रम
कार्यक्रम में कोर तथा इलेक्टिव कोर्स उपलब्ध हैं।
- कोर कोर्सेज अनिवार्य कोर्सेज हैं जिन्हें प्रथम वर्ष में लेना होता है।
- इलेक्टिव कोर्स प्रथम वर्ष के तीसरे टर्म तथा द्वितीय वर्ष के सभी टर्म में लेने होते हैं,जिसमें विद्यार्थियों को अनेक बहुविषयक कोर्सों में से चयन का अवसर मिलता है।
- आईआईएमबी के कोर्स आगे दिए गए फार्मेट के संयोजन के जरिए पढ़ाए जाते हैं: व्याख्यान, कक्षा में चर्चा, उद्योगों से भेंट-मुलाक़ात, केस विश्लेषण, एकल व समूह परियोजनाएं,टर्म पेपर,रोल प्ले,निबंध लेखन, सिमुलेशन,बिजनेस गेम,फिल्म तथा अनुभवात्मक सीखों के विभिन्न तरीके
प्रथम वर्ष में,एक पीजीपी विद्यार्थी को 16 कोर कोर्स तथा दो इलेक्टिव (कुल 49.5 क्रेडिट के) लेने होते हैं। प्रथम वर्ष में तीन टर्म होते हैं। टर्मवार कोर्स विवरण निम्नलिखित तालिका में दिए गए हैं।
| क्रम संख्या | टर्म I | टर्म II | टर्म III |
| 1 | वित्तीय निर्णयों हेतु लेखांकन | कार्पोरेट वित्त | व्यवसाय,सरकार और समाज,नैतिकता और उत्तरदायित्वपूर्ण व्यवसाय |
| 2 | व्यवसाय संप्रेषण में प्रगति | डिजिटल युग में संप्रेषण | मैक्रोअर्थशास्त्र |
| 3 | विपणन प्रबंधन | परिचालन प्रबंधन | डिजिटल व्यवसाय प्रबंधन |
| 4 | प्रबंधकीय अर्थशास्त्र | प्रतिस्पर्द्धा एवं रणनीति | उद्यमिता उन्मुख सोच व कृत्य |
| 5 | सांगठनिक डिजाइन | संगठनों में लोगों तथा कार्य निष्पादन का प्रबंधन | इलेक्टिव-1 |
| 6 | निर्णय विज्ञान-I | निर्णय विज्ञान-II | -इलेक्टिव-2 |
समर इंटर्नशिप
समर इंटर्नशिप करने का समय प्रथम वर्ष की समाप्ति तथा द्वितीय वर्ष के प्रारम्भ के मध्य नियत है। कार्यक्रम में नामांकन कराने के पूर्व न्यूनतम 34 माह का कार्य अनुभव पूरा कर चुके विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप ऐच्छिक है।
कोर्स तथा क्रेडिट-द्वितीय वर्ष
एक पीजीपी विद्यार्थी को द्वितीय वर्ष के तीन टर्म में न्यूनतम 45 क्रेडिट तथा इलेक्टिव कोर्स में अधिकतम 51 क्रेडिट हासिल करने होते हैं। इलेक्टिव में बहुत सारे विषय शामिल हैं। इलेक्टिव के उदाहरणों की एक सूची नीचे दी गई है:
- सामाजिक उद्यमिता
- अवसंरचना विकास
- पीपीपी और विनियम
- बिजनेस अनलिटिक्स और इंटेलिजेंस
- स्प्रेडशीट माडल- व्यापारिक निर्णय
- वर्तमान आर्थिक परिदृश्य: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा व्यापार हेतु नीतिगत विषय
- वैश्विक प्रतिभूति बाजार
- कार्पोरेट अभिशासन:भारतीय एवं अंतर्राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में
- कार्पोरेट मूल्य निर्धारण
- डिजिटल विपणन
- विपणन निर्णयों हेतु शोध
- ब्रांड प्रबंधन
- व्यवहार में उद्यमिता
- व्यक्तिगत मूल्य, लक्ष्य तथा कॅरियर विकल्प
- उच्च निष्पादन वाले संगठनों का निर्माण
- आपूर्ति शृंखला प्रबंधन
- प्रौद्योगिकी तथा परिचालन रणनीति
- हरित व्यवसाय प्रबंधन
- सामरिक सोच और निर्णयन
कार्यमूलक क्षेत्रों के अतिरिक्त, आईआईएमबी विद्यार्थियों की रुचि के आधार पर विभिन्न कोर्स उपलब्ध कराता है जैसे कि भाषा (जर्मन,फ्रेंच,स्पेनिश और जापानीज़) के कोर्स,अंतर्राष्ट्रीय इमर्शन वाले कोर्स (यथा अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों में कारोबार आयोजना,भारत तथा इज़राइल की फर्मों के बीच तकनीकी भागीदारी स्थापित करना,और अनुभवात्मक कोर्स (यथा हिमालय पर्वत चुनौती और स्थानीय उद्यम वातावरण में मोटरसाइकल इमर्शन)।
इलेक्टिव पाठ्यक्रम
इलेक्टिव पाठ्यक्रम
(हाल के शैक्षणिक वर्षों में पेश किया गया)
आईआईएमबी भारत के बिजनेस स्कूलों में सबसे अधिक संख्या में इलेक्टिव उपलब्ध कराने के लिए जाना जाता है। इलेक्टिव में नीचे दिए गए बहुत सारे विषय शामिल हैं। अपनी रुचि के इलेक्टिव कोर्स चुनने हेतु विद्यार्थी बोली प्रणाली अपनाते हैं। यह एक सांकेतिक सूची है जिसमें विद्यार्थियों की रुचि के अनुसार प्रति वर्ष बदलाव हो सकता है।
- क्रास फंक्शनल उत्कृष्टता हेतु अनलिटिक्स
- ई कामर्स तथा खुदरा परिचालन हेतु अनलिटिक्स
- बिजनेस अनलिटिक्स और इंटेलिजेंस
- डेटा विजुअलाइजेशन और स्टोरीटेलिंग
- जेनरेटिव कृत्रिम मेधा
- स्पोर्ट्स अनलिटिक्स
- व्यापारिक निर्णय समस्याओं हेतु स्प्रेडशीट माडल
- व्यवहारपरक अर्थशास्त्र
- व्यवसाय, वित्त एवं अंतर्राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था
- कंसल्टेंट्स के लिए अर्थशास्त्र
- वैश्विक कॉमन निगोशिएशन तथा नेटवर्क प्रौद्योगिकी में व्यवसाय
- अंतर्राष्ट्रीय मैक्रोअर्थशास्त्र
- नेतृत्व नेटवर्क निर्माण
- उद्यमितापूर्ण विपणन
- वैश्विक परिप्रेक्ष्य: पश्चिम को इसके क्लासिक्स से समझना
- मोटरसाइकल्स तथा स्थानीय उद्यमिता माहौल में इमर्शन
- लीन लांच प्रयोगशाला: उद्यम का चरणबद्ध निर्माण
- नए जमाने के व्यापार माडल
- वेंचर पूंजी तथा उद्यमिता
- उन्नत मूल्य निवेश
- उन्नत कार्पोरेट वित्त
- कार्पोरेट वित्तीय रणनीति
- कार्पोरेट अभिशासन और नैतिकता
- वित्तीय डेरिवेटिव
- वित्तीय बाजार
- वित्तीय माडलिंग
- फिनटेक: वित्तीय सेवा तंत्र में प्रौद्योगिकी से बदलाव
- स्थिर आय प्रतिभूतियाँ तथा डेरिवेटिव
- वैश्विक प्रतिभूति बाजार
- अंतर्राष्ट्रीय वित्त
- निवेश
- वैकल्पिक निवेश
- बैंकों तथा वित्तीय संस्थाओं का प्रबंधन
- विलयन,अधिग्रहण तथा कार्पोरेट पुनर्गठन
- नवीन उद्यम का वित्तपोषण
- रियल एस्टेट निवेश प्रबंधन
- जोखिम प्रबंधन
- मूल्य निर्धारण
- संपदा प्रबंधन तथा व्यक्तिगत वित्त आयोजना
- प्रबंधकों हेतु कृत्रिम मेधा के अनुप्रयोग
- बिग डेटा अनलिटिक्स
- डिजिटल उत्पाद प्रबंधन
- प्रबंधन तथा व्यवसाय हेतु गेमिफिकेशन
- डिजिटल रूपान्तरण का प्रबंधन
- उत्तरदायित्वपूर्ण एआई
- साफ्टवेयर उत्पाद प्रबंधन
- नेतृत्वकर्ताओं हेतु संप्रेषण
- सीईओ की कार्य सूची-जलवायु सुरक्षा के प्रति
- अंतरसांस्कृतिक प्रबंधकीय संप्रेषण
- ऊर्जापूर्ण विपणन
- विश्लेषणात्मक विपणन
- ब्रांड प्रबंधन
- बिजनेस टू बिजनेस विपणन
- प्रतिस्पर्द्धी विपणन रणनीति
- उपभोक्ता व्यवहार
- ग्राहक संबंध प्रबंधन
- डिजिटल विपणन रणनीतियाँ
- वैश्विक विपणन
- विपणन अनलिटिक्स
- विपणन संप्रेषण
- उच्च तकनीक उत्पादों तथा नवोन्मेषों का विपणन
- विपणन में निवेश पर प्रतिफल तथा मीडिया मीट्रिक्स
- ओमनीचैनल खुदरा रणनीति
- उत्पाद रणनीति एवं प्रबंधन
- विपणन निर्णयों हेतु शोध
- विक्रय एवं वितरण प्रबंधन
- मोबाइल मार्केटिंग हेतु रणनीतियाँ
- मूल्यनिर्धारण की रणनीति, युक्ति एवं अर्थशास्त्र
- निर्णय लेना
- उत्तरदायित्वपूर्ण व्यवसाय हेतु प्रबुद्ध नेतृत्व
- एक्सट्रीम नेतृत्व
- व्यवसाय के समावेशी माडल
- डिजिटल युग में नेतृत्व
- प्रसन्नता के साथ नेतृत्व-वृहत्तर प्रभाव हेतु मन की शक्ति का उपयोग
- नेतृत्व करना सीखना -चुनौतियाँ तथा कम्प्टेंसी
- करियर सफलता तथा परिवर्तन को संभालना
- व्यक्तियों के प्रबंधन का कौशल
- व्यैक्तिक मूल्य, लक्ष्य तथा कॅरियर चुनाव
- व्यवसाय प्रबंधकों के लिए स्टोरीटेलिंग
- व्यवसाय प्रक्रिया सुधार
- व्यवसाय तंत्र में प्रतिस्पर्द्धा और सहयोग
- परिचालन तथा आपूर्ति शृंखला को पर्यावरण अनुकूल बनाना
- परिचालन रणनीति
- परियोजना प्रबंधन में आवश्यक बातें
- उत्तरदायित्वपूर्ण व्यवसाय परिचालन
- रेवेन्यू अनलिटिक्स
- सेवा प्रदायगी और प्रबंधन
- आपूर्ति शृंखला प्रबंधन
- सस्टेनेबल तथा रहने योग्य शहर बनाना
- व्यवसाय, सरकार और समाज
- व्यवसाय विधि
- असामान्य व्यवसाय:वैकल्पिक व्यवसाय माडल की समझ
- इकोनामेट्रिक्स की मदद से कार्पोरेट उत्कृष्टता
- भारतीय अवसंरचना में व्यवसाय करना
- शिक्षानीति: अवधारणाएँ तथा कार्यान्वयन
- परिवर्तन के दौर से गुजरते राष्ट्र समकालीन जापान को समझना
- नैतिकता तथा लोक नीति
- विकास अर्थशास्त्र की बुनियाद: अवधारणात्मक मुद्दे तथा प्रेक्टिस
- स्वास्थ्य का अर्थशास्त्र :सिद्धांत एवं व्यवहार
- भारतीय राजनीतिक अर्थव्यवस्था का इतिहास
- प्रबंधकों हेतु लोक नीति
- ग्रामीण बैंकिंग एवं वित्तीय समावेशन
- सामाजिक उद्यमिता
- कृत्रिम मेधा स्ट्रेटजी
- कैप्स्टोन सिमुलेशन का उपयोग कर व्यवसाय रणनीति
- कार्पोरेट रणनीति
- डिजाइन थिंकिंग:नवोन्मेष तथा सृजनशीलता की एक राह
- डिजिटल व्यवसाय माडल व रणनीति
- हरित व्यवसाय प्रबंधन
- नेतृत्व,विजन,आशय एवं यथार्थ
- कार्पोरेट विफलताओं से सीख
- नवीन उत्पाद विकास
- प्लेटफार्म व्यवसाय के माडल
- सामरिक नेतृत्व
- सामरिक नेतृत्व: फर्म के विकास की निरंतरता सुनिश्चित करना
- मीडिया तथा मनोरंजन उद्योग में सामरिक प्रबंधन
- प्रौद्योगिकी तथा नवोन्मेष का सामरिक प्रबंधन
- सामरिक पर्यवेक्षण
- सामरिक सोच एवं निर्णय लेना
- स्ट्रेटजी कंसल्टिंग
- स्ट्रेटजी कार्यान्वयन
- प्रौद्योगिकी तथा नवोन्मेष स्ट्रेटजी
- प्रौद्योगिकी तथा नवोन्मेष प्रबंधन
- प्रौद्योगिकी रणनीति
- विश्व के धर्मों का एक परिचय
- अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों:जापान,दुबई हेतु व्यवसाय आयोजना (बीपीआईएम)
- आर्किटेक्चर और डिजाइन में तलाश:प्रबंधकों हेतु सीख
- विदेशी भाषा पाठ्यक्रम :फ्रेंच,स्पेनिश,जर्मन ,जापानी
- सामान्य वाणिज्यिक ज्ञान
- हिमालय पहाड़ चुनौती
- हिंदू दर्शन परिचय
- भारतीय ज्ञान प्रणाली का परिचय
- भगवद्गीता से प्रबंधन उपदेश
