कार्यक्रम संरचना
पाठ्यचर्या
पीजीपीईएम के एक शैक्षणिक सत्र में तीन माह प्रत्येक के चार टर्म होते हैं। खास पीजीपीईएम के पाठ्यक्रम शुक्रवार तथा शनिवार को होते हैं। द्वितीय वर्ष में, लचीले कार्य समय वाले विद्यार्थी संस्थान के अन्य स्नातकोत्तर कार्यक्रमों में सोमवार से शनिवार के बीच उपलब्ध इलेक्टिव पाठ्यक्रमों में नामांकन करा सकते हैं। प्रत्येक विद्यार्थी को अधिकतम पाँच शैक्षणिक वर्षों के भीतर कार्यक्रम के 750 घंटों की निर्धारित संपर्क कक्षाओं में उपस्थित रहना होता है।
कोर्स तथा क्रेडिट
कोर तथा इलेक्टिव दोनों कोर्स हेतु, एक कोर्स का वेटेज बताने हेतु संस्थान ने क्रेडिट की अवधारणा लागू की है। प्रत्येक कोर्स अमूमन तीन क्रेडिट का होता है। सामान्य नियम के अनुसार तीन क्रेडिट वाले कोर्स में 100 घंटों का कार्य होता है जिसमें 30% कक्षा में तथा शेष तैयारी और असाइनमेंट के लिए देना होता है। कोर पाठ्यक्रम प्रथम वर्ष में उपलब्ध कराया गया है। इलेक्टिव कोर्स द्वितीय वर्ष में लेने होते हैं। कोर्स में कक्ष व्याख्यान ,सहयोगात्मक चर्चा,ऑनलाइन (प्रसारण) सत्र, केस विश्लेषण , एकल व समूह प्रोजेक्ट , रोल प्ले,लाइव प्रोजेक्ट तथा बिजनेस गेम की शिक्षण विधियाँ शामिल हैं।
लाइव प्रोजेक्ट
तीन क्रेडिट का प्रोजेक्ट कोर्स (अवधारणात्मक समस्या अथवा औद्योगिक विश्लेषण पर) कार्यक्रम का अनिवार्य अंग है जिसमें विद्यार्थी को ऐसे क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करने का अवसर मिलता है जिसमें औपचारिक इलेक्टिव उपलब्ध न हो।
एक्शन लर्निंग प्रोजेक्ट (एएलपी)
एक्शन लर्निंग प्रोजेक्ट विद्यार्थियों को एक कंपनी के अंदर से टर्नकी प्रोजेक्ट लेने,इसका विश्लेषण करना तथा अपनी संस्तुतियाँ देने को प्रोत्साहित करता है।
कोर पाठ्यक्रम
| मद | कोर पाठ्यक्रम | क्रेडिट |
| 1 | प्रबंधकीय अर्थशास्त्र | 3 |
| संगठन डिजाइनिंग | 3 | |
| निर्णय विज्ञान | 3 | |
| 2 | वित्तीय रिपोर्टिंग और विश्लेषण | 3 |
| विपणन प्रबंधन | 3 | |
| संगठनों में लोगों तथा कार्यनिष्पादन का प्रबंधन | 3 | |
| 3 | माइक्रोइकोनामिक्स | 3 |
| व्यवसाय कानून | 3 | |
| कार्पोरेट वित्त | 3 | |
| 4 | परिचालन प्रबंधन | 3 |
| प्रतिस्पर्धा और रणनीति | 3 | |
| लागत प्रबंधन | 1.5 | |
| कार्पोरेट अभिशासन तथा नीति शास्त्र | 1.5 |
इलेक्टिव पाठ्यक्रम
आईआईएमबी को भारत के बी स्कूलों में सबसे अधिक संख्या में इलेक्टिव कोर्स उपलब्ध कराने की विशिष्टता प्राप्त है। इलेक्टिव में नीचे बताए गए विविध विषय शामिल हैं। विद्यार्थी अपनी रुचि के इलेक्टिव चुनने के लिए बोली लगाने की प्रणाली अपनाते हैं। यहाँ एक अस्थायी सूची दी गई है जिसमें विद्यार्थियों की रुचि के अनुसार प्रति वर्ष बदलाव हो सकता है।
- क्रास फंक्शनल एक्सेलेंस हेतु अनलिटिक्स
- ई कामर्स तथा रिटेल आपरेशंस हेतु अनलिटिक्स
- बिजनेस अनलिटिक्स और इंटेलिजेंस
- डेटा विजुअलाइजेशन और स्टोरीटेलिंग
- जेनरेटिव आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस
- स्पोर्ट्स अनलिटिक्स
- बिजनेस डिसिजन प्राब्लंस के लिए स्प्रेडशीट माडल
- बिहैविरल अर्थशास्त्र
- बिजनेस, फाइनेंस और अंतर्राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था
- ग्लोबल कॉमन निगोशिएशंस तथा बिजनेस इन नेटवर्क टेक्नोलाजीज
- अंतर्राष्ट्रीय मैक्रोइकोनामिक्स
- लीडरशिप नेटवर्क बनाना
- उद्यमितापूर्ण विपणन
- वैश्विक परिप्रेक्ष्य: पश्चिम को इसके क्लासिक्स से समझना
- मोटरसाइकल्स तथा स्थानीय उद्यम व्यवस्था से तालमेल
- लीन लांच लैब: चरणबद्ध उद्यम निर्माण
- नए जमाने के बिजनेस माडल
- वेंचर पूंजी तथा उद्यमिता
- एडवांस्ड वैल्यू इन्वेस्टिंग
- एडवांस्ड कार्पोरेट वित्त
- कार्पोरेट वित्तीय रणनीति
- कार्पोरेट अभिशासन और नीतिशास्त्र
- वित्तीय डेरिवेटिव
- वित्तीय बाजार
- वित्तीय माडलिंग
- फिनटेक:प्रौद्योगिकी वित्तीय सेवा तंत्र को कैसे बदल रही है
- स्थिर आय प्रतिभूतियाँ और डेरिवेटिव
- वैश्विक प्रतिभूति बाजार
- अंतर्राष्ट्रीय वित्त
- निवेश
- वैकल्पिक निवेश
- बैंकों तथा वित्तीय संस्थाओं का प्रबंधन
- विलयन,अधिग्रहण तथा कार्पोरेट पुनर्रचना
- नवीन उद्यमों का वित्तपोषण
- रियल इस्टेट निवेश प्रबंधन
- जोखिम प्रबंधन
- मूल्य निर्धारण
- संपत्ति प्रबंधन तथा व्यक्तिगत वित्तीय आयोजना
- प्रबंधकों हेतु कृत्रिम मेधा के अनुप्रयोग
- बिग डेटा अनलिटिक्स
- डिजिटल उत्पाद प्रबंधन
- प्रबंधन तथा व्यवसाय हेतु गेमिफिकेशन
- डिजिटल कायाकल्प का प्रबंधन
- उत्तरदायित्वपूर्ण एआई
- साफ्टवेयर उत्पाद प्रबंधन
- लीडरों के लिए संप्रेषण
- सीईओ का एजेंडा : जलवायु सुरक्षा हेतु उपाय
- भिन्न संस्कृतियों के बीच प्रबंधकीय संप्रेषण
- चुस्त विपणन
- अनलिटिकल विपणन
- ब्रांड प्रबंधन
- बिजनेस से बिजनेस को विपणन
- स्पर्धात्मक विपणन रणनीति
- उपभोक्ता व्यवहार
- ग्राहक संबंध प्रबंधन
- डिजिटल विपणन की रणनीतियाँ
- वैश्विक विपणन
- विपणन अनलिटिक्स
- विपणन संप्रेषण
- हाई- टेक उत्पादों तथा नवेन्मेषों का विपणन
- विपणन निवेश पर प्रतिफल तथा मीडिया मीट्रिक्स
- सभी माध्यमों से खुदरा रणनीति
- उत्पाद रणनीति एवं प्रबंधन
- विपणन निर्णयों हेतु शोध
- बिक्री तथा विपणन प्रबंधन
- मोबाइल विपणन हेतु रणनीतियाँ
- रणनीति,युक्ति तथा मूल्य निर्धारण का अर्थशास्त्र
- निर्णय लेना
- उत्तरदायित्वपूर्ण व्यवसाय हेतु प्रबुद्ध नेतृत्व
- एक्सट्रीम नेतृत्व
- व्यवसाय के समावेशी माडल
- डिजिटल युग में नेतृत्व
- खुशी के साथ नेतृत्व:प्रभावकारिता वृद्धि हेतु मष्तिस्क का उपयोग
- नेतृत्व करना सीखना: चुनौतियाँ और कम्प्टेंसी
- करियर में सफलता और बदलाव का प्रबंधन
- व्यक्तियों के प्रबंधन का कौशल
- व्यक्तिगत मूल्य, लक्ष्य तथा करियर विकल्प
- व्यवसाया प्रबन्धकों हेतु स्टोरीटेलिंग
- व्यवसाय प्रक्रिया में सुधार
- व्यवसाय तंत्र में प्रतिस्पर्द्धा और सहयोग
- परिचलनों तथा आपूर्ति शृंखला को पर्यावरण अनुकूल बनाना
- परिचालन रणनीति
- परियोजना प्रबंधन की आवश्यक बातें
- उत्तरदायित्वपूर्ण व्यवसाय परिचालन
- रेवेन्यू अनलिटिक्स
- सेवा प्रदाय और प्रबंधन
- आपूर्ति शृंखला प्रबंधन
- संधारणीय और रहने योग्य नगर बनाना
- व्यवसाय, सरकार और समाज
- व्यवसाय कानून
- असामान्य व्यवसाय :वैकल्पिक व्यवसाय माडल को समझना
- इकोनामेट्रिक्स के साथ कार्पोरेट उत्कृष्टता
- भारतीय अवसंरचना में कारोबार करना
- शिक्षा नीति: अवधारणाएँ और कार्यान्वयन
- बदलाव से गुजरते राष्ट्र-समकालीन जापान को समझना
- नीतिशास्त्र और पब्लिक पालिसी
- विकासात्मक अर्थशास्त्र की बुनियादें;अवधारणात्मक मुद्दे और प्रेक्टिस
- स्वास्थ्य अर्थशास्त्र: सिद्धान्त और व्यवहार
- भारत की राजनीतिक अर्थव्यवस्था का इतिहास
- प्रबंधकों हेतु पब्लिक पालिसी
- ग्रामीण बैंकिंग और वित्तीय समावेशन
- सामाजिक उद्यमिता
- एआई रणनीति
- कैपस्टोन सिमुलेशन का उपयोग कर व्यवसाय रणनीति
- कार्पोरेट रणनीति
- डिजाइन थिंकिंग: नवोन्मेष तथा सृजनशीलता की एक राह
- डिजिटल व्यवसाय माडल और रणनीति
- ग्रीन व्यवसाय प्रबंधन
- नेतृत्व: विजन,अर्थ और यथार्थ
- कार्पोरेट विफलताओं से सीखना
- नवीन उत्पाद निर्माण
- प्लेटफार्म व्यवसाय माडल
- सामरिक नेतृत्व
- सामरिक नेतृत्व: फर्म के विकास की निरंतरता बनाए रखना
- मीडिया तथा मनोरंजन उद्योग में सामरिक प्रबंधन
- प्रौद्योगिकी तथा नवोन्मेष का सामरिक प्रबंधन
- सामरिक पर्यवेक्षण
- सामरिक सोच और निर्णयन
- सामरिक कंसल्टिंग
- रणनीति कार्यान्वयन
- प्रौद्योगिकी तथा नवोन्मेष की रणनीति
- प्रौद्योगिकी तथा नवोन्मेष प्रबंधन
- प्रौद्योगिकी रणनीति
- दुनिया के धर्मों का एक परिचय
- अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों:जापान,दुबई हेतु व्यवसाय आयोजना (बीपीआईएम)
- आर्किटेक्चर और डिजाइन में खोज: प्रबन्धकों हेतु सीख
- विदेशी भाषा पाठ्यक्रम:स्पेनिश, जर्मन,जापानी
- सामान्य वाणिज्यिक ज्ञान
- हिमालय पहाड़ चुनौती
- हिन्दू दर्शन परिचय
- भारतीय ज्ञान प्रणाली का परिचय
- भगवद गीता से प्रबंधन उदाहरण
कार्यक्रम पर व्यय
पीजीपीईएम 2025-27 हेतु शिक्षण शुल्क नीचे दिया गया है:
|
विवरण |
राशि भारतीय रुपए में |
| शिक्षण शुल्क | Rs. 20,11,000 |
| वापसी योग्य काशन जमाराशि | Rs. 10,000 |
नोट: शुल्क पर लागू करों और लेवी का भुगतान विद्यार्थी को प्रवेश के समय करना होगा।
- शुल्क आठ किस्तों में देय है (इसका विवरण पंजीकृत विद्यार्थियों को दिया जाएगा)
- यदि क्रेडिट जरूरत पूरी करने हेतु कोई विद्यार्थी दो शैक्षणिक वर्ष (अधिकतम पाँच वर्ष के अधीन) से अधिक अध्ययन जारी रखता है तो उसे दो वर्ष के टर्म के बाद प्रत्येक टर्म हेतु 25,000/- भारतीय रुपए प्रति टर्म का निरंतरता शुल्क कार्यक्रम की क्रेडिट आवश्यकता पूर्ण करने तक चुकाना होगा। निरंतरता शुल्क का भुगतान प्रत्येक टर्म के लिए करना है, भले ही प्रतिभागी टर्म के दौरान कोई कोर्स ले या न ले।
- आईआईएमबी योग्य चुने गए विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान करता है। इसके साथ बैंकों तथा वित्तीय संस्थानों से ऋण सुविधा उपलब्ध है।
