IIMB Management Review

Journal of Indian Institute of Management Bangalore

आईआईएमबी मैनेजमेंट रिव्यू

भारतीय प्रबंध संस्थान बेंगलूर की पत्रिकाएँ

भाप्रसंबें के विषय में

भारतीय प्रबंध संस्थान बेंगलूर (भाप्रसंबें) समग्र, रूपांतकारी एवं नवीन शिक्षा के माध्यम से नेताओं का निर्माण करने में विश्वास करता है ।

और पढ़िए >>

अनुसंधान

भाप्रसंबें के संकाय सदस्य प्रबंध के सभी कार्यात्मक क्षेत्रों में अत्याधुनिक अनुसंधान के माध्यम से ज्ञान का सृजन करते हैं जिससे सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की कंपनियों और सरकार एवं समाज को सामान्य रूप से लाभ होगा । भाप्रसंबें के संकाय द्वारा उत्पन्न ज्ञान उच्च प्रशस्ति पत्र सूचकांक और प्रभाव कारक के साथ प्रमुख शैक्षणिक पत्रिकाओं में छपा है ।

कई पाठ्यपुस्तकें और वर्किंग पेपर नियमित रूप से लिखे जाते हैं । भाप्रसंबें द्वारा किए गए शोध का उपयोग नए पाठ्यक्रमों और कार्यपालक शिक्षा कार्यक्रमों में वृद्धि के लिए किया जाता है।

भाप्रसंबें नवाचारी गतिविधियों का हमेशा से केन्‍द्र रहा है संकाय सदस्य उद्योग के साथ-साथ दुनिया भर के अन्य शैक्षणिक संस्थानों के साथ सहयोग करते हैं । वे अपने चयनित क्षेत्रों में ज्ञान बढ़ाने के लिए निरंतर अवसरों की तलाश में रहते हैं । संस्‍थान में नवाचार और अनुसंधान को उत्‍कृष्‍टता केन्‍द्रों की स्‍थापना के साथ बढ़ावा दिया गया है जो विभिन्‍न विशिष्‍ट क्षेत्रों एवं उद्योगों की विशिष्‍ट आवश्‍यताओं पर अपना ध्‍यान केन्द्रित करते हैं जिसमें लोक नीति, कंपनी अभिशासन से लेकर बीमा, वित्‍तीय बाजार और जोखिम प्रबंध जैसे क्षेत्र शामिल हैं । एनएसआरसीईएल, उद्यमशीलता गतिविधियों के लिए उत्प्रेरक है तथा स्‍टार्टअप उद्यमों के लिए विख्‍यात उद्भवन केंद्र है ।

Prof. M. Jayadev
Journal Article: 'Wilful defaulters of Indian banks: A first cut analysis' - Prof. M. Jayadev
Read More
Mukta Kulkarni
Journal Article: 'Rituals and Institutional Maintenance: The Case of the Beating Retreat Ceremony' - Prof. Mukta Kulkarni
Read More
Soham Sahoo
Journal Article: 'Are Educated Leaders Good for Education? Evidence from India' - Prof. Soham Sahoo
Read More
Rejie George Pallathitta
Journal Article: 'Influence Capital in Boards: a study of ex-bureaucrats in India' - Prof. Rejie George Pallathitta
Read More